
माँ आज आपकी बड़ी याद आ रही है,
मन में बड़ी पीडा है,
यकीन है की आप होती तो समझ लेती मेरी आंखें देख कर,
झूठी ,सच्ची ,छोटी ,बड़ी हर बात समझती हमारी,
दिन तो किसी तरह बीत जाता है पर शाम होते ही मन घबडा सा जाता है,
बोझिल होता है मन हमारा, आपका चहेरा जब दिल में उभरता है ,
रात में आपका अंचल बड़ा रुलाता है,
माँ आप कितनी प्यारी हों बड़ी न्यारी हो,
आज हम अकेले है, दुनिया के झमेले है,
नही मिलती है अब तेरे अंचल की छाव ,
बहुत अकेले है हम माँ,
दर्द में अपने दिलासा दिया , जीवन को अपने ही सवांरा ,
हम पूछना चाहते है क्यों छोड़ा अपने हमको अकेला,
पर हम देना चाहते है आपको असीम प्यार,
दुनिया की हर वो खुशी जो अपने हमारे लिए त्यागी होंगी।