
माँ आज आपकी बड़ी याद आ रही है,
मन में बड़ी पीडा है,
यकीन है की आप होती तो समझ लेती मेरी आंखें देख कर,
झूठी ,सच्ची ,छोटी ,बड़ी हर बात समझती हमारी,
दिन तो किसी तरह बीत जाता है पर शाम होते ही मन घबडा सा जाता है,
बोझिल होता है मन हमारा, आपका चहेरा जब दिल में उभरता है ,
रात में आपका अंचल बड़ा रुलाता है,
माँ आप कितनी प्यारी हों बड़ी न्यारी हो,
आज हम अकेले है, दुनिया के झमेले है,
नही मिलती है अब तेरे अंचल की छाव ,
बहुत अकेले है हम माँ,
दर्द में अपने दिलासा दिया , जीवन को अपने ही सवांरा ,
हम पूछना चाहते है क्यों छोड़ा अपने हमको अकेला,
पर हम देना चाहते है आपको असीम प्यार,
दुनिया की हर वो खुशी जो अपने हमारे लिए त्यागी होंगी।
Pleased to find this kind of pure feelings for a mother...
ReplyDeletemaa hoti hi aisi hai unke jaane ke baad hi unki yaad aati hai.
ReplyDeleteJyoti ji, samasya maa, bahan ya teacher ke paas hone se solve hoti to aaj hum is problem par discuss hi nai kar rahe hote. Kyoki har kisi ko kam se kam maa ka sath to jarur milta hai. Rahi baat sanskaron ki to jara bataiye ki samaj me kaun kusanskar deta hai?
ReplyDeleteMaa ke oopar jitna jo bhi likha jaye kam hai...
ReplyDeleteJai Hind...
Jyoti ji,
ReplyDeleteAalochna hamesha behtari ka rasta dikhati hai. Aur waise bhi aapne jo kaha wo galat nai hai, mujhe tanik bhi koi baat buri nai lagi. Khair, blog ke jariye aapse milkar accha laga.
ज्योति जी,
ReplyDeleteमाँ पर उत्तम लेख लिखा है आपने
देवेन्द्र खरे
Caveman stone 112 reads# No one else can understand you, if you don't understand yourself.
ReplyDelete